बेरोजगारी, आर्थिक मंदी और पूंजीवाद : आंदोलनरत युवाओं के नाम

रोजगार का सम्बंध उद्योग और अर्थव्यवस्था के सतत विकास से, यानी, दूसरे शब्दों में, आर्थिक गतिविधियों में मौजूद चहल-पहल और इसकी चहुंमुखी वृद्धि से है। मुनाफा की अंधी दौड़ पूंजीवाद की रूह होती है। पूंजीवाद में जो भी चीज़ होती या की जाती है उसकी यही प्रेरक शक्ति है। समाज के लिए इसके एक हद... Continue Reading →

#9बजे9मिनट की सफलता पर

कुछ ऐसे "शानदार" और "उत्साहवर्धक" नजारे रहे कल रात में। सवाल है इसके माध्यम से क्या हम देश के युवाओं के राजनीतिक मूड का अंदाज़ा लगा सकते हैं? हा, जरूर, लेकिन ऐसा करते वक्त थोड़ी ईमानदारी की जरूरत होगी। पहले सोशल मीडिया की बात करें, तो पूरे देश में "9बजे 9मिनट" ट्रेंड कर रहा था।... Continue Reading →

EIA 2020 IS DISASTROUS FOR ENVIRONMENT

S V Singh // Ministry of Environment, Forest & Climate Change (MoEFCC) issued a draft notification, Environmental Impact Assessment Notification (hereinafter called EIA Notification 2020) on April 11, 2020 for 60 day’s mandatory Public Notice Period that ended on June 10, 2020. Under Rule 5 (3) of the Environment (Protection) Rules, 1986, 60-day public notice... Continue Reading →

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 : शिक्षा के विध्वंस का रोडमैप

एस. राज // राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP)[*] को 29 जुलाई 2020 को भाजपा सरकार की केंद्रीय कैबिनेट द्वारा मंजूरी दे दी गई। इंदिरा गांधी सरकार द्वारा पारित पहली राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1968 और राजिव गांधी सरकार की द्वितीय राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986, जिसने शिक्षा के क्षेत्र में निजी पूंजी के लिए दरवाजे खोले और... Continue Reading →

कोविद महामारी और फासीवाद के खतरों के बीच बिहार चुनाव

शेखर // बिहार विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहा है और इसकी सरगर्मियां देखी जा सकती हैं। इसका अहसास पूरे राजनैतिक वातावरण में अब महसूस किया जा सकता है। जो बात सबसे पहले दिखाई दी वह यह थी कि संसदीय वाम और  क्रांतिकारी वाम दोनों की तरफ से  देश व राज्य में लगातार बढ़ते कोविद-19 संक्रमण... Continue Reading →

प्रशांत भूषण अवमानना मामला : बुर्जुआ जनवादी सीमाओं के पार

ए. प्रिया // 12 जनवरी 2018 को सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठतम जजों द्वारा “जनतंत्र खतरे में है” की चेतावनी के साथ किए गए ऐतिहासिक प्रेस कांफ्रेंस के बाद, अब सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण के खिलाफ स्वतः संज्ञान में लिया गया अवमानना का मुकदमा भारतीय न्याय व्यवस्था की असलियत... Continue Reading →

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