THE ‘KERALA MODEL’: COVID-19 MAY EXTEND ITS LIFE

Prasad V // One among the States in India where the government has approached somewhat seriously the management of Covid-19 pandemic is Kerala. This attempt has given hitherto broadly good results also. While preparing this write up, the number of infected people in Kerala are increasing at a rapid pace. But that is due to … More THE ‘KERALA MODEL’: COVID-19 MAY EXTEND ITS LIFE

CONCENTRATION OF CAPITAL AND MONOPOLIES IN INDIA

M Aseem // The 20 most profitable firms in India now generate 70% of the country’s profits, up from 14% thirty years ago. The rise of India’s networked economy (highways, cheap flights, broadband, GST) has allowed large, efficient firms to use superior technology & better access to capital to squash smaller competitors. In line with … More CONCENTRATION OF CAPITAL AND MONOPOLIES IN INDIA

‘CALAMITY TO OPPORTUNITY’ NEO-LIBERAL ONSLAUGHT INTENSIFIES

M Aseem // When, after the Lehman Brothers collapse, many well-meaning people thought that neo-liberal project would now retreat, it was Rahm Emanuel, Barack Obama’s Chief of Staff and former financial sector top executive who made the famous comment, “You never want a serious crisis to go to waste. And what I mean by that … More ‘CALAMITY TO OPPORTUNITY’ NEO-LIBERAL ONSLAUGHT INTENSIFIES

कोरोना महामारी, सरकारी मदद और आम लोग : आईएफटीयू (सर्वहारा) द्वारा पटना शहर में किये गये सर्वे के आधार पर तैयार किये गये आलेख की पहली किश्‍त

“कोरोना से मरें न मरें, भूख से तो मरना तय है” – ये बोल आज हर गरीब आबादी के मुंह पर है। कोरोना महामारी की मार से आज देश का कोई भी क्षेत्र अछूता नहीं है। चारो ओर बेरोजगारी, भुखमरी, गरीबी तथा सर्वत्र अभाव व्‍याप्‍त है। भुखमरी ने तो विकराल रूप धारण करते हुए एक … More कोरोना महामारी, सरकारी मदद और आम लोग : आईएफटीयू (सर्वहारा) द्वारा पटना शहर में किये गये सर्वे के आधार पर तैयार किये गये आलेख की पहली किश्‍त

सफूरा ज़रगर व अन्य राजनीतिक कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के खिलाफ आभ्यंतरिक विरोध प्रदर्शन (7 मई ’20)

#WithSafooraAgainstSlander आज 7 मई को सफूरा जरगर व अन्य राजनीतिक कार्यकर्ताओं की, UAPA व अन्य काले कानूनों का इस्तेमाल कर, गिरफ्तारी के विरोध में देशभर में महिला संगठनों, जिसमें AIPWA, AIDWA, AIMSS, बिहार महिला समाज, विमुक्ता स्त्री मुक्ति संगठन आदि शामिल थे, के द्वारा आभ्यंतरिक विरोध प्रदर्शन किया गया।सफूरा जरगर जो तीन महीने की गर्भवती … More सफूरा ज़रगर व अन्य राजनीतिक कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के खिलाफ आभ्यंतरिक विरोध प्रदर्शन (7 मई ’20)

प्रवासी मजदूरों की असंगठित सेना

एस. वी. सिंह // बुर्जुआजी ने देश में शहरों का शासन स्थापित कर डाला है। इसने शहरी आबादी को ग्रामीण आबादी की तुलना में बहुत अधिक बढ़ा दिया और ऐसा करके उसने ग्रामीण आबादी के काफी बड़े भाग को देहाती जीवन की मूर्खता से बचा लिया।– मार्क्स एंगेल्स, कम्युनिस्ट घोषणा पत्र 24 मार्च का दिन … More प्रवासी मजदूरों की असंगठित सेना

मई दिवस पर संदेश : जरूरत है ढहते पूंजीवाद को आखिरी धक्के की!

एस. राज // मई दिवस का इतिहास काम के घंटे कम करने के लंबे आंदोलन से जुड़ा हुआ है। इसलिए इसे जानना उन सबके लिए जरूरी है जो मजदूरी करते हैं या वेतन पर जिंदा रहते हैं या फिर जो समाज को उन्नत, सुन्दर और शोषणमुक्त बनाना चाहते हैं। मजदूरों के लिए काम करने की … More मई दिवस पर संदेश : जरूरत है ढहते पूंजीवाद को आखिरी धक्के की!

आरोग्य सेतु : महामारी में तकनीक बनाम निजता

एस. राज // क्या आपने ‘आरोग्य सेतु’ ऐप के बारे में सुना है? यह एक मोबाइल ऐप्लिकेशन या ऐप है जिसे भारत सरकार द्वारा बनाया गया है, यह कहते हुए कि यह कोरोना वायरस से लड़ने के लिए एक ज़रूरी ऐप है क्योंकि यह यूज़र को ट्रैक करता है और कोरोना संक्रमित लोगों से मिलने … More आरोग्य सेतु : महामारी में तकनीक बनाम निजता

कोविड-19 की क्रान्तिकारी भूमिका के बारे में

शेखर // कोविड-19 कोरोना वायरस परिवार का एक नया घातक वायरस है। जानवरों से इंसानों में हुए इसके संक्रमण के बाद इसने पूरी पृथ्वी पर तब धावा बोला जब विश्व पूंजीवाद पहले से ही मरणासन्न अवस्था में एक गहरे ढांचागत संकट को झेल रहा था। असल में, अपनी अंतिम सांसे गिनते पूंजीवाद की इसने गर्दन … More कोविड-19 की क्रान्तिकारी भूमिका के बारे में

कोविड-19 महामारी – स्वास्थ्य सेवा व राजनीति संबंधी कुछ टिप्पणियाँ

प्रसाद वी. // अभी अभी दुनिया भर में लोग कोविड से लड़ रहे हैं। लगभग 40 लाख इससे संक्रमित हो चुके हैं। यूरोप अमेरिका के विकसित पूंजीवादी देशों में मृत्यु दर अप्रत्याशित रूप से अधिक है। अभी तक न तो इस बीमारी के इलाज की दवा है न ही कोई टीका बना है। मानव समाज … More कोविड-19 महामारी – स्वास्थ्य सेवा व राजनीति संबंधी कुछ टिप्पणियाँ