[छपते-छपते] : राम मंदिर भूमिपूजन में राज्य की खुली संलिप्त्ता और बुर्जुआ जनतंत्र की मौत, एक संक्षिप्त कमेंट

शेखर // 5 अगस्‍त, आज यह अयोध्‍या में राम मंदिर के लिए भूमिपूजन का दिन था, जो स्‍वयं प्रधानमंत्री के हाथों संपन्‍न हुआ। जनतंत्र और संविधान आज दोनों धर्म की खूंटी से टांग दिए गए। राज्‍य की (हिंदू) धार्मिक निष्‍ठा खुलकर सामने आई और धर्मनिरपेक्षता पर भारी पड़ी। सुप्रीम कोर्ट का फैसला था कि मंदिर … More [छपते-छपते] : राम मंदिर भूमिपूजन में राज्य की खुली संलिप्त्ता और बुर्जुआ जनतंत्र की मौत, एक संक्षिप्त कमेंट

राष्ट्रीय शिक्षा नीति : मेहनतकश जनता पर हमले का प्रतिरोध करो

श्रम कानून ‘सुधारों’ तथा नागरिक स्वतंत्रता पर तीखे हमले के बाद कोविड महामारी और तालाबंदी के बीच इस आपदा में अवसर ढूँढने का खुला ऐलान करने वाली फासिस्ट हुकूमत ने 30 जुलाई 2020 को जारी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के जरिये शोषित मेहनतकश जनता पर एक और हमला बोला है। यह न सिर्फ शिक्षा पाने के … More राष्ट्रीय शिक्षा नीति : मेहनतकश जनता पर हमले का प्रतिरोध करो

PLIGHT OF HEALTH WORKERS: WHO WILL SAVE OUR SAVIOURS FROM CAPITALISM?

V Prajapati // A Sorry State Of Affairs Of The Healthcare Workers “Rather than interrogation on a political and institutional level as to why our working conditions remain hazardous, our society is glorifying the struggle! We are being applauded for endangering our lives to help others, but in reality, there is seldom a choice. We’re … More PLIGHT OF HEALTH WORKERS: WHO WILL SAVE OUR SAVIOURS FROM CAPITALISM?

A MESSAGE ON MAY DAY: WHAT’S NEEDED IS A BLOW TO CRUMBLING CAPITALISM

The origin of May Day is indissolubly bound up with the struggle for the shorter workday – a demand of major political significance for the working class, as Alexander Trachtenberg wrote in 1932 as the first lines of his important pamphlet titled The History of May Day. Hence, it becomes crucial for the working class … More A MESSAGE ON MAY DAY: WHAT’S NEEDED IS A BLOW TO CRUMBLING CAPITALISM

मजदूरों का कोई देश नहीं, सरकार नहीं, न्‍यायालय नहीं

बयां से परे अपने ही देश में शरणार्थी हुए प्रवासी मजदूरों का दर्द (पहली किश्‍त) जब ये प‍ंक्तियां लिखी जा रही हैं, महानगरों से सैंकड़ों किलोमीटर दूर अपने गांव-घर की ओर पैदल चलते चले जाते प्रवासी मजदूरों की संख्‍या लगातार बढ़ती ही जा रही है। ये सभी पूरी तरह व्‍यथित, बेबस, परेशान और बदहवास हैं, … More मजदूरों का कोई देश नहीं, सरकार नहीं, न्‍यायालय नहीं

जिंदा रहना है, तो कोरोना महामारी से उपजे हालात में गैरबराबरी के खिलाफ उठ खड़े हों

निशुल्‍क स्‍वास्‍थ्‍य सेवा, रोजगार, भोजन व आवास की गारंटी के लिए मुख्‍य दुश्‍मन पूंजीवाद को पलटने की लड़ाई तेज करें आज के समय में जब कोरोना महामारी या कोविद-19 समस्त मानव जाति के भविष्य को खतरे में डाल चुका है, पूंजीवाद इसके बावजूद मानव समाज के ही विरुद्ध कदम बढ़ा रहा है और युद्धरत है। … More जिंदा रहना है, तो कोरोना महामारी से उपजे हालात में गैरबराबरी के खिलाफ उठ खड़े हों

‘आत्मनिर्भर भारत’ के लिए 20 लाख करोड़ का आर्थिक पैकेज : यह आर्थिक पैकेज नहीं, पूंजीवादी संकट के पूरी तरह असाध्‍य हो जाने का घोषणापत्र है

मोदी का ‘आत्‍मनिर्भर’ भारत नहीं, मजदूर वर्ग का समाजवादी आत्‍मनिर्भर भारत  12 मई 2020 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 20 लाख करोड़ के पैकेज की घोषणा की, जिसके जरिए कुटीर उद्योग, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग, मजदूर, प्रवासी मजदूर, किसान, मध्यम वर्ग और बड़े उद्योगों तक आपदा राहत या फायदा पहुंचाने की बात की गई। … More ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लिए 20 लाख करोड़ का आर्थिक पैकेज : यह आर्थिक पैकेज नहीं, पूंजीवादी संकट के पूरी तरह असाध्‍य हो जाने का घोषणापत्र है

सरकारी योजनाओं और घोषणाओ से परे, जमीनी वास्तविकता की ओर एक नजर

सरकार द्वारा गरीब मजदूरों को राहत पहुंचाए जाने के आंकड़े जो तस्वीर दिखाते हैं, वास्तविकता उससे बिल्कुल अलग होती है। सरकारी आंकड़ों और जमीनी सच्चाई के अंतर को जानने के लिए कुछ ऐसी जानकारियों और घटनाओं पर नजर डालना ज़रूरी है जो सरकारी घोषणाओं, फर्जी विज्ञापनों से इतर वास्तविक सच्चाई का जीता जागता सबूत पेश … More सरकारी योजनाओं और घोषणाओ से परे, जमीनी वास्तविकता की ओर एक नजर

आर्थिक संकट के दौर में कोरोना महामारी और मजदूर वर्ग

29 मार्च, रविवार को दुनिया भर में कोरोना से लड़ने की तैयारियों में सबसे असंवेदनशील सरकार के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ‘सबसे पहले मैं सभी देशवासियों से क्षमा मांगता हूं और मेरी आत्मा कहती है कि आप मुझे जरूर माफ करेंगे। क्योंकि कुछ ऐसे निर्णय लेने पड़ें हैं जिसकी वजह से आपको कई … More आर्थिक संकट के दौर में कोरोना महामारी और मजदूर वर्ग

‘आरोग्य सेतु’- महामारी में तकनीक बनाम निजता

क्या आपने ‘आरोग्य सेतु’ ऐप के बारे में सुना है? यह एक मोबाइल ऐप्लिकेशन या ऐप है जिसे भारत सरकार द्वारा बनाया गया है, यह कहते हुए कि यह कोरोना वायरस से लड़ने के लिए एक ज़रूरी ऐप है क्योंकि यह यूज़र को ट्रैक करता है और कोरोना संक्रमित लोगों से मिलने पर उन्हें अलर्ट … More ‘आरोग्य सेतु’- महामारी में तकनीक बनाम निजता