सरकारी योजनाओं और घोषणाओ से परे, जमीनी वास्तविकता की ओर एक नजर

सरकार द्वारा गरीब मजदूरों को राहत पहुंचाए जाने के आंकड़े जो तस्वीर दिखाते हैं, वास्तविकता उससे बिल्कुल अलग होती है। सरकारी आंकड़ों और जमीनी सच्चाई के अंतर को जानने के लिए कुछ ऐसी जानकारियों और घटनाओं पर नजर डालना ज़रूरी है जो सरकारी घोषणाओं, फर्जी विज्ञापनों से इतर वास्तविक सच्चाई का जीता जागता सबूत पेश... Continue Reading →

कोरोना महामारी, सरकारी मदद और आम लोग : आईएफटीयू (सर्वहारा) द्वारा पटना शहर में किये गये सर्वे के आधार पर तैयार किये गये आलेख की पहली किश्‍त

"कोरोना से मरें न मरें, भूख से तो मरना तय है" - ये बोल आज हर गरीब आबादी के मुंह पर है। कोरोना महामारी की मार से आज देश का कोई भी क्षेत्र अछूता नहीं है। चारो ओर बेरोजगारी, भुखमरी, गरीबी तथा सर्वत्र अभाव व्‍याप्‍त है। भुखमरी ने तो विकराल रूप धारण करते हुए एक... Continue Reading →

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